असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य का सोनभद्र दौरा: आदिवासियों का अभूतपूर्व जनसैलाब
नीलांबर-पीतांबर स्मृति सम्मान समारोह में उठे “बिरसा मुंडा अमर रहें” के नारे
सोनभद्र। सदर विधानसभा क्षेत्र के पटना स्थित शिव मंदिर प्रांगण में गुरुवार को आयोजित नीलांबर-पीतांबर स्मृति सम्मान समारोह में असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि “अब वह समय लौट आया है जब आदिवासियों, वनवासियों और गिरवासियों का सम्मान फिर से स्थापित हो रहा है।” उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत “बिरसा मुंडा अमर रहें, नीलांबर-पीतांबर अमर रहें” के जयघोष से की। समारोह स्थल पर आदिवासी समाज की भारी भीड़ उमड़ी रही।

आदिवासी गौरव दिवस जैसा माहौल-
राज्यपाल आचार्य ने कहा कि जिस स्वतंत्र भारत का सपना बिरसा मुंडा, नीलांबर-पीतांबर और अनेक जनजातीय वीरों ने देखा था, वह आज साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि “देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए जरूरी है कि हम सब एक रहें। कुछ शक्तियां राष्ट्र को कमजोर करने की कोशिश करती हैं, उनसे हमें सतर्क रहना होगा।” राज्यपाल ने जनसमूह से आह्वान किया कि “हमारी एकता ही राष्ट्र की शक्ति है।”
विशिष्ट योगदानकर्ताओं को किया गया सम्मानित-
समारोह की अध्यक्षता पूर्व विधायक घमड़ी खरवार की पत्नी कमलावती खरवार ने की, जबकि संयोजन मुन्ना धनगर ने किया। इस मौके पर सदर विधायक भूपेश चौबे, शारदा खरवार और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक दर्जन से अधिक आदिवासी समूहों को सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने किया कई विकास कार्यों का लोकार्पण-
कार्यक्रम के पूर्व राज्यपाल ने सिलथम गांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों हरिवंश धांगर व विशुन धांगर की स्मृति में बने स्मृति द्वार का लोकार्पण किया, जिसका निर्माण विधायक निधि से हुआ है। इसके अलावा रामगढ़ बाजार स्थित कालिदास शिक्षण संस्थान परिसर तक बने इंटरलॉकिंग संपर्क मार्ग का उद्घाटन भी किया गया।
जनपद में हुआ गर्मजोशी से स्वागत-
राज्यपाल के आगमन पर जिला मुख्यालय से लेकर पटना तक नागरिकों और स्कूली बच्चों ने माल्यार्पण व वंदे मातरम के नारों के साथ उनका स्वागत किया। रामगढ़ कस्बा स्थित अपने छोटे भाई शीतल आचार्य के आवास पर राज्यपाल ने स्थानीय गणमान्य नागरिकों से मुलाकात की और वहीं पर पारिवारिक दोपहर भोज भी किया।
चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था-
राज्यपाल के दौरे को देखते हुए पूरे मार्ग पर पुलिस व खुफिया तंत्र के जवान तैनात रहे। सुबह से ही जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी, और क्षेत्राधिकारी रणधीर मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।





