सम्पूर्ण भारत में लगेगा 13 दिसम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत-अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव
जनपद सोनभद्र न्यायालय प्रांगण तथा तहसील ओबरा, दुद्धी एवं ग्रामीण न्यायालय घोरावल में आयोजित होगा राष्ट्रीय लोक अदालत
सोनभद्र। 13 दिसम्बर 2025 को सम्पूर्ण भारत समेत सोनभद्र जनपद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह अदालत जनपद न्यायालय सोनभद्र के प्रांगण एवं वाह्य न्यायालय ओबरा, दुद्धी तथा ग्रामीण न्यायालय घोरावल में भी आयोजित किया जाएगा।
इसकी सफलता एवं सार्थकता के लिए ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र सचिव के विश्राम कक्ष में गुरुवार 6 नवम्बर को आयोजित बैठक में जजों संग मंत्रणा करते हुए प्राधिकरण सचिव सोनभद्र अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने
आमजनों से अपील किया है कि न्याय पालिका के इस आमंत्रण का लाभ उठायें और मुकद्दमों से मुक्ति पायें।
अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने जनसाधारण से अपील किया है कि अपने लंबित वाद-विवाद, शिकायत को राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण हेतु संबंधित अधिकरण, फोरम, न्यायालय के पीठासीन अधिकारी, जनपद न्यायालय सोनभद्र एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र से संपर्क कर अपने विवादों का
निस्तारण करा सकते हैं।
बैठक में मौजूद आलोक यादव मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनभद्र, राहुल सीविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी, यादवेन्द्र सिंह सीनियर जज जूनियर डिवीजन, श्रीमती इन्दू वर्मा न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनभद्र,
नित्यानंद त्यागी न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय घोरावल, शिवेश राज जायसवाल अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन, मुरली धर सिंह विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, यमुना शंकर पाण्डेय विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय आदि को निर्देशित करते हुए अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने कहा कि अधिक से अधिक वादों में सुलह समझौता के आधार पर केस निस्तारित करने हेतु अधिकाधिक नोटिस का तामिला सुनिश्चित कराने हेतु सम्बन्धितों को निर्देशित करें।
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फोटो – न्यायालय का मोनोग्राम
* राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित होंगे सम्बन्धित वाद *
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विशिष्ट विषय अपराधिक शमनीय वाद, बैंक वसूली वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, आर्बिट्रेशन एवं पेट्टी ऑफेंस के वाद, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक, श्रम एवं भूमि अधिग्रहण, विद्युत बिल, सर्विस में वेतन एवं भत्तों से संबंधित सेवा निवृत्तिक परिलाभों से संबंधित विवाद, राज्यों से संबंधित मामले, सुलह योग्य प्री लिटिगेशन मामलों को भी सुलह समझौता के आधार पर संपन्न किया जाएगा।





