तरावां की जर्जर सड़कें: विकास के दावों पर सवाल
ग्राम श्रीरामपुरी (तरावां) के ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत की मांग उठाई, जनप्रतिनिधियों से कार्रवाई की अपील
सोनभद्र! रामराज्य की बात करने वाले दौर में भी सोनभद्र के तरावां ग्राम पंचायत के लोग बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। ग्राम श्रीरामपुरी (तरावां) की मुख्य सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी है। यह सड़क राज्य मार्ग (कलवारी–खलियारी) से जुड़कर कई गांवों को आपस में जोड़ती है, लेकिन उपेक्षा के चलते सड़क अब गड्ढों और धूल-मिट्टी में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है और बरसात के मौसम में हालात और भी बिगड़ जाते हैं।
गांव की सामूहिक आवाज़-
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवाज़ उठाई है कि इस समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जाए। श्री परशुराम न्यास सोनभद्र, युवा शक्ति फाउंडेशन तथा ग्रामवासी तरावां के संयुक्त बैनर तले एक निवेदन जारी कर संबंधित अधिकारियों, सक्षम जनप्रतिनिधियों और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के संभावित प्रत्याशियों से अपील की गई है कि वे सड़क की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करें।
ग्रामीणों की पीड़ा-
गांव के युवा समाजसेवी टोनी पाण्डेय ने कहा, “बरसात होते ही सड़क तालाब जैसी हो जाती है। बच्चों को स्कूल ले जाना मुश्किल हो जाता है। अब तो हमें लगता है कि सरकार सिर्फ कागजों में विकास करती है।”
वहीं युवा किसान संजय ने बताया कि खराब सड़क के कारण खेत से अनाज और सब्जियां मंडी तक ले जाना बेहद कठिन है। “ट्रैक्टर और गाड़ियों की हालत खराब हो जाती है, ऊपर से समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।”
महिला ग्रामीण सीता ने कहा कि सड़क की समस्या से सबसे ज्यादा दिक्कत बीमार लोगों को होती है। “कोई बीमार हो जाए तो समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। कई बार प्रसूता महिलाओं को खटिया पर उठाकर ले जाना पड़ा है।”
जनप्रतिनिधियों को चेतावनी-
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो वे आगामी चुनावों में ऐसे नेताओं और प्रत्याशियों को वोट नहीं देंगे जो केवल वादे करते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं करते। उन्होंने अन्य ग्राम पंचायतों के निवासियों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि जनप्रतिनिधियों पर दबाव बने और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।
ग्रामीणों की उम्मीदें-
गांव के लोग चाहते हैं कि सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू हो, ताकि आवागमन सुगमता से हो सके और दैनिक जीवन प्रभावित न हो। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि इस बार उनकी मांगों को अनदेखा नहीं किया जाएगा और प्रशासन शीघ्र कार्रवाई करेगा।





