मिशन शक्ति 5.0: सोनभद्र में बालिकाओं को बाल विवाह और साइबर क्राइम के प्रति किया गया जागरूक
दुद्धी, सोनभद्र (10 अक्टूबर, 2025): कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दुद्धी में मिशन शक्ति 5.0 के तहत बालिकाओं को बाल विवाह, साइबर क्राइम, और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, और जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला थाना अध्यक्ष संतु सरोज और जिला मिशन कोऑर्डिनेटर नीतू यति सिंह ने बालिकाओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
सोनभद्र के दुद्धी ब्लॉक में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत “बाल विवाह को ना, शिक्षा को हां” अभियान को बढ़ावा देने के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महिला थाना अध्यक्ष श्रीमती संतु सरोज ने बालिकाओं को टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और साइबर क्राइम के खतरों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने सोशल मीडिया और ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित जोखिमों पर प्रकाश डाला, जिससे बालिकाएं डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकें।
जिला मिशन कोऑर्डिनेटर श्रीमती नीतू यति सिंह ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल सामाजिक और स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है, बल्कि यह कानूनी रूप से भी दंडनीय है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत, बाल विवाह कराने वालों को 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, 2 साल तक की कैद, या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने लड़कों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष निर्धारित की है। यदि यह उम्र सीमा पूरी नहीं होती, तो विवाह कानूनी रूप से अमान्य माना जाता है।
कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट सीमा द्विवेदी ने बालिकाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छता के प्रति जागरूकता और व्यक्तिगत देखभाल के उपायों पर विस्तार से बताया।
इस अवसर पर विद्यालय की वार्डन विजयलक्ष्मी, शिक्षिकाएं रूपा उपाध्याय, सुमन यादव, महिला थाना की हेड कांस्टेबल, और अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बालिकाओं ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा को शांत किया। यह आयोजन बालिकाओं को सशक्त बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।





