सर्दियों में चना और सरसों का साग खाने के फायदे।
सोनभद्र में सर्दियों का मौसम आते ही लोगो के घरों में खूब पसंद किए जाते हैं।चना का साग, बथुआ और सरसों आदि साग
*लेकिन क्या आप जानते हैं,*
कि सर्दियों का मौसम आते ही ज्यादातर लोग सरसों और बथुआ का साग खाना पसंद क्यों करते हैं। कि चने का साग या फिर सरसों का साग सिर्फ एक साग से नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग सागों को मिलाकर बनाया जाता है।
सरसों, चना, या बथुआ के साग बनाने के लिए सरसों के पत्ते, चने के पत्ते, पालक के पत्ते और बथुआ के पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है, और इन्हें एक अनुपात में मिलाया जाता है। सरसों के साग में मौजूद कैल्शियम, विटामिन के और फॉस्फोरस हड्डियों और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं।
कई फायदों से भरपूर होने के कारण सरसों का साग कब्ज, गैस और अपच जैसी पेट की समस्याओं को दूर करने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद कर सकता है।
सरसों के साग में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाये जाते हैं, जो शरीर की कमजोरी को दूर कर, इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
सरसों की तासीर गर्म होती है। अगर आप सर्दियों में सरसों का साग खाते हैं तो शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद मिल सकती है।





