सोनभद्र ने शिक्षा में बनाया नया रिकॉर्ड: राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा, प्रदेश में पहला स्थान
सोनभद्र! शिक्षा में नए प्रयोग और बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सोनभद्र जिले ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यूज डेटा कॉन्टेस्ट में देश में तीसरा और उत्तर प्रदेश में पहला स्थान पाने की उपलब्धि पर मंगलवार को विधायक भूपेश चौबे ने जिलाधिकारी बी.एन. सिंह को कलेक्ट्रेट के जन सुनवाई कक्ष में फूलों का गुलदस्ता और शॉल देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) रोहित यादव, नगवां ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह, विधायक प्रतिनिधि विकास मिश्रा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय और अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
इस उपलब्धि के लिए हाल ही में मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जिलाधिकारी बी.एन. सिंह को आकांक्षी जिलों की श्रेणी में सम्मानित किया था। यह सम्मान सोनभद्र के लिए गर्व की बात है, क्योंकि इसने शिक्षा में नए प्रयोगों के जरिए पूरे देश में अपनी पहचान बनाई।

विधायक भूपेश चौबे ने कहा, “यह सम्मान सोनभद्र के लिए गर्व की बात है। जिलाधिकारी के नेतृत्व में शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में किए गए कार्य प्रशंसनीय हैं। हमें अन्य क्षेत्रों में भी नए प्रयोगों के साथ काम करके जिले को और ऊंचाइयों तक ले जाना है।” उन्होंने खास तौर पर “निपुण भारत मिशन की निगरानी के लिए डैशबोर्ड” की तारीफ की, जिसे शिक्षा में सुधार के लिए बनाया गया है।
यह डिजिटल सिस्टम सरकारी स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर करने और उसकी लगातार निगरानी के लिए बनाया गया था। इस सिस्टम में कक्षा के हिसाब से सीखने के लक्ष्य तय किए गए और खास शिक्षण विधियों से बच्चों को उन लक्ष्यों तक पहुंचाया गया। इस सिस्टम ने निपुण भारत मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिसके कारण सोनभद्र शिक्षा में नए प्रयोगों का केंद्र बन गया।
जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने इस उपलब्धि को सभी के सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया और कहा कि यह शिक्षकों, अधिकारियों और समुदाय के सहयोग से संभव हुआ। उन्होंने भविष्य में भी शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में नए प्रयोगों के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह उपलब्धि न केवल सोनभद्र, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।





