वाराणसी: विधान परिषद चुनाव के लिए नामावली पुनरीक्षण की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
वाराणसी! उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आगामी 1 नवंबर 2025 को अर्हता तिथि निर्धारित होने के बाद निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए पदनामित चुनाव रजिस्ट्रार (ईआरओ) तथा पदाभिहित और अपर पदाभिहित अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नामावलियों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि योग्य मतदाताओं को उनके अधिकारों का उचित उपयोग करने का अवसर मिल सके।
प्रशिक्षण सत्र में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नामावली पुनरीक्षण की प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन, तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जोर दिया कि अर्हता तिथि के आधार पर स्नातक और शिक्षक वर्ग के मतदाताओं की सूची में किसी प्रकार की चूक न हो, और संभावित आपत्तियों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जाए। पदनामित ईआरओ को स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने तथा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। इस प्रशिक्षण से अधिकारियों में न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता भी मजबूत होगी।
इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों और सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की, जिसमें पुनरीक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा हुई। बैठक में दलों के प्रतिनिधियों ने सहयोग का आश्वासन दिया और सुझाव दिए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर मतदाता पंजीकरण को बढ़ावा दिया जाए। श्री सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम लोकतंत्र की मजबूती का आधार है, और सभी पक्षों के सक्रिय सहयोग से ही निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकेंगे। यह पहल न केवल आगामी विधान परिषद चुनाव को प्रभावित करेगी, बल्कि भविष्य की अन्य चुनावी तैयारियों के लिए भी मिसाल बनेगी।





