ओबरा, चोपन, में खनन से जुड़े दर्जनों धनपतियों पर आयकर का छापा
पहरेदारी इस क़दर रही कि अन्दर से कोई बाहर न आ सके और बाहर से कोई अन्दर न जा सके की स्थिति रही।
काली कमाई की आशंका: अधिकांश पत्थर, बालू, क्रशर और भू कारोबारी रहे निशाने पर, जनता और बुद्धिजीवियों की रही हर्ष मिश्रित प्रतिक्रिया।
-छापामारी के शिकार हर कारोबारी के घर से करोड़ो की नकदी आसानी से बरामद की जतायी जा रही सम्भावना।
ओबरा, सोनभद्र । बुधवार 25 फरवरी को ओबरा, चोपन आदि खनन क्षेत्र के कारोबारियों के यहां आयकर विभाग ने दर्जनों स्थान पर औचक छापामारी कर व्यवसायियों को पंगु बना दिया। हालत यह रही की अंदर से कोई बाहर न आ सके और बाहर से कोई अन्दर न आ सके। कुछ समय रहते फरार भी हो गये, कहीं व्यवसायी न मिलने पर प्रतिष्ठानों/खदानों/क्रशर प्लांटो पर भी छापामारी की सूचना मिली।
सुबह 11 बजे से लाव लश्कर के साथ छापामारी दल जिस भी व्यवसायी के घर पंहुचा समाचार लिखे जाने तक भी दल बाहर नहीं आया है। सुरक्षा कमान संभाली बाहरी पुलिस भी मीडिया को कुछ बताने से बचती रही। पहरेदारी इस क़दर रही कि अन्दर से कोई बाहर न आ सके और बाहर से कोई अन्दर न जा सके की स्थिति रही।
तहसील ओबरा अन्तर्गत संचालित पत्थर, बालू खदानों के पट्टाधारियों, क्रशर संचालकों, भू कारोबारियों के यहां सामूहिक छापामारी से जहां काली कमाई करने वाले सफेदपोशों के बीच हड़कम्प की स्थिति रही वहीं चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया। बुद्धिजीवियों और आमजनों की हर्ष मिश्रित प्रतिक्रिया रही। नाम न बताने की शर्त पर खनन से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि छापामारी के शिकार
सूत्रों से जानकारी के अनुसार लखनऊ मुख्यालय से रात एक बजे अपनी पहचान छिपाते हुए सैकड़ों गाड़ियों का काफिला चला जो बलिया के छात्रशक्ति फर्म के यहां छापामारी करते सोनभद्र पंहुचा।
फिलहाल ओबरा थाना के नगर क्षेत्र स्थित आधा दर्जन में अधिक पत्थर व बालू खनन व्यवसायियों के यहां छापामारी की कार्रवाई हुई जिसमें प्रमुखतया सेक्टर 8 निवासी चन्द्र भूषण गुप्ता, अजय सिंह, एसके चौबे, छात्रशक्ति प्लांट समेत अन्य कई व्यवसायियों के यहां छापामारी की सूचना चर्चा में है। आसपास के लोग भ्रमित रहे, एकाध गाड़ी पर लखनऊ लिखा था अन्य कई जनपदों की नम्बर प्लेट लिखी गाड़ियों पर विभाग का नाम के बजाय शादी का पोस्टर चिपका था। गाड़ियों से उतरी पुलिस देखकर लोग चौकन्ना हुए।






