सोनभद्र महिला उत्पीड़न की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश, साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं-राज्य महिला आयोग की मा0 सदस्य
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की माननीय सदस्य श्रीमती गीता विश्वकर्मा ने सर्किट हाउस सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों की जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें महिला आयोग की सदस्य के समक्ष प्रस्तुत कीं। माननीय सदस्य ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा,
सम्मान एवं न्याय प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, साइबर उत्पीड़न सहित विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर माननीय सदस्य ने महिलाओं को साइबर अपराध से बचाव के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया, मोबाइल फोन एवं इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों से सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस विभाग को दें।
माननीय सदस्य ने कहा कि महिला उत्पीड़न अथवा किसी भी प्रकार की सहायता के लिए महिलाएं महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, आपातकालीन सेवा 112 एवं साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930, कानूनी सलाह हेतु 15100, महिलाओं के स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्या के लिए एम्बुलेंस 102, आपात कालीन सेवा के लिए 108 पर संपर्क कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से निर्भीक होकर आगे आने और अपनी शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया। जनसुनवाई के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी श्री अजीत कुमार,
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विद्या देवी, प्रोबेशन अधिकारी इन्द्रावती यादव, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह, सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहें।






