सोनभद्र: सोन नदी की धारा बांधकर अवैध खनन पर भड़के ग्रामीण, जिलाधिकारी से की शिकायत
नदी की जलधारा रोककर किया जा रहा खनन
जिलाधिकारी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
सोनभद्र। जनपद के परगना अगोरी क्षेत्र में सोन नदी के प्राकृतिक स्वरूप से खिलवाड़ और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध खनन का मामला अब गर्माता जा रहा है। मंगलवार को रोहित कुमार बिंद के नेतृत्व में क्षेत्रीय ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जनपद के नवागत जिलाधिकारी से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि परगना अगोरी के अंतर्गत खनन ठेकेदारों द्वारा भारी मशीनों का उपयोग कर सोन नदी की मुख्य जलधारा को बांध दिया गया है। जलधारा को बाधित करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे जलीय पारिस्थितिकी और नदी के पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार अपने निजी स्वार्थ के लिए नदी के स्वरूप को बदल रहे हैं, जिससे भविष्य में गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नवागत जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जनपद में किसी भी प्रकार का अवैध कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोन नदी में अवैध रूप से जलधारा बांधने वाले ठेकेदारों की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों के विरुद्ध खनन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुलाकात के दौरान रोहित कुमार बिंद ने कहा कि वे लंबे समय से इस अवैध गतिविधि का विरोध कर रहे हैं। जिलाधिकारी के सकारात्मक आश्वासन के बाद अब क्षेत्र के लोगों में यह उम्मीद जगी है कि प्राकृतिक संपदा की लूट रुकेगी और दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी।
इस अवसर पर क्षेत्र के दर्जनों गणमान्य नागरिक और प्रभावित ग्रामीण उपस्थित रहे।






