अनपरा तापीय परियोजना में मजदूरों का काला फीता प्रदर्शन, फाइनल भुगतान और श्रम कानून लागू करने की मांग
सोनभद्र! अनपरा डी तापीय परियोजना के गेट पर आज मो. अंसार और दसरथ यादव के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों ने काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों ने रोहिणी ट्रांसपोर्ट में 20-25 वर्षों से काम करने के बावजूद फाइनल भुगतान न मिलने और श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ आक्रोश जताया।
मो. अंसार और दसरथ यादव ने कहा कि करीब 250-300 मजदूरों ने कंपनी के लिए लंबे समय तक काम किया, लेकिन कंपनी का काम समाप्त होने के तीन महीने बाद भी फाइनल भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि मजदूर हर हाल में अपना हक लेकर रहेंगे और कंपनी की गलत नीतियों को नाकाम करेंगे।
जिला संविदा श्रमिक यूनियन (सीटू) के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने कहा कि सोनभद्र मजदूरों का हब है, लेकिन सरकार और प्रबंधन मजदूरों के सवालों को हल्के में ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2019 के श्रम कानून के तहत मजदूरी रिवीजन और महंगाई के हिसाब से वेतन वृद्धि होनी थी, लेकिन 2025 तक केवल घोषणाएं हुईं, जिससे मजदूरों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि काम के दौरान मजदूरों की मजदूरी लूटी गई और अब फाइनल भुगतान भी नहीं दिया जा रहा।
यह प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें मजदूरों ने श्रम कानूनों के पालन और अपने अधिकारों की रक्षा की मांग की। सुरेंद्र पाल ने कहा कि संगठित होकर संघर्ष करने से मजदूरों को सफलता अवश्य मिलेगी।
प्रदर्शन में जमशेर खान, गडेस सिंह, मुस्ताक अहमद, जवाहर यादव, अब्दुल शेख, सिताराम यादव, याकुफ खान, सुभाष चंद्र, तौफीक, कन्हाई सिंह, हरी प्रसाद, मो. अंसार, दसरथ यादव सहित कई अन्य मजदूर शामिल थे।





