चरित्र प्रमाण पत्र की समस्या को लेकर राकेश केशरी ने सौंपा ज्ञापन, बेरोजगारी बढ़ने का जताया खतरा
सोनभद्र। चरित्र प्रमाण पत्र और पुलिस वेरिफिकेशन की अनिवार्यता ने नौकरीपेशा और ग्रामीण लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश केशरी ने इस मुद्दे को लेकर 23 सितंबर, 2025 को ओबरा के उपजिलाधिकारी विवेक कुमार सिंह को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी व्यक्ति का चरित्र प्रमाण पत्र तब तक जारी नहीं करती, जब तक उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज हो। यह नीति लोगों को नौकरी से वंचित कर रही है, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है और कुछ लोग गलत रास्तों पर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
राकेश केशरी ने मांग की कि जब तक न्यायालय किसी व्यक्ति को दोषी न ठहराए, तब तक मुकदमे का विवरण अंकित करते हुए चरित्र प्रमाण पत्र जारी किया जाए। उनका कहना है कि यह कदम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने और आपराधिक गतिविधियों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान मनीष विश्वकर्मा भी मौजूद रहे।





