आपराधिक कृत्यों से संबंधित के नए कानून जागरूकता कार्यक्रम
पिपरी सोनभद्र भारतीय नागरिक सुरक्षा दंड प्रक्रिया और अधिनियम नए कानूनों से आधुनिक न्याय प्रणाली स्थापित होगी जिसमें जीरो एफआईआर, शिकायत दर्ज कराने में लोगों को सुविधा होगा
नये कानूनों के प्रति 0″एफआईआर जब किसी व्यक्ति के साथ कोई अपराध होता है तो वह व्यक्ति घटनास्थल जहां होता है वहां के स्थानीय थाने पर किसी कारण से न जाने के कारण उसे यह नये कानून में अधिकार है कि वह व्यक्ति भारत वर्ष के किसी भी थाने में अपनी फिर पंजीकृत करा सकता है और वह थाना उस फिर को पंजीकृत करने के बाद उसे घटना स्थल के संबंधित थाने को फिर प्रेषित करेगा घटनास्थल से संबंधित थाना उस फिर पर आवश्यक विधिक कार्यवाही करने हेतु नये कानून में प्राविधान किये गये हैं।
ए-फिर- भारतीय नये कानून में यह नियम बनाये गये है कि किसी मूल्यवान वस्तु व मूल्यवान प्रमाण पत्र जैसे-(मार्कशीट, चरित्र प्रमाण पत्र, लाईसेंस, चेक बुक, डीएल, एफडी, गेट पास, परिचय पत्र इत्यादि) के खोजाने व चोरी हो जाने की रिपोर्ट ए-फिर, आन लाइन गुमशुदगी पंजीकरण साईबर कैफे से कराने की व्यवस्था की गयी है।
समयबद्ध न्याय- भारतीय नये कानून में फिर पंजीकृत होने के उपरान्त समयबद्ध विवेचना साक्ष्य संकलन हेतु नियम बनाये गये है तथा आमजन को आरोप मा० न्यायालय प्रेषित करने के बाद समयबद्ध न्याय की व्यवस्था की गयी है। समयबद्ध न्याय हेतु वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से गवाही कराना, इलेक्ट्रानिक, डिजिटल रिकार्ड जैसे-सर्वर लाग, ई-मेल लैपटाप की फाइलों को साक्ष्य के रुप में मान्यता दी गयी है। इन सब नये कानून में व्यवस्था से समयबद्ध न्याया मिलने की संभावना बढ़ गयी है।
महिला एवं बाल संरक्षण के प्राविधान- महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए विशेष प्राविधान किये
गये हैं। जैसे बच्चो के लिए पाक्सो एक्ट (लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम) तथा घरेलू हिंसा महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के प्राविधान बनाये गये है।
नये अपराध- आज भारतीय समाज में बदलते आधुनिककरण मे बहुत से नये अपराध अविष्कृत हो रहे है, अपराधो का अतिरेक हो चुका है। जिसे प्रमुख्ता में आन लाईन धोखा धड़ी सेक्शुअल हैरेसमेण्ट डिजिजता अरेस्टर, साईबर स्पूकिंग, साईबर मिसिंग,, आईडेण्टटिटी थेफ्त, साईबर बुलिंग सैण्टीस्ट्रीक एक्स फ्लोरेशन ह्यूमन ट्रेफिंग मिस यूज आफ एनीडेस्क, क्वेनसिंग, डीफ फेक, साईबर ट्रेरिज्म, डेटा विच चाईल्ड पोर्नोग्राफी, ई-कामर्स फ्राड, हैकिंग मालवेयर व रेनसम फ्राड है, इनके लिए भी सरकार नये कानून में व्यवस्था बनाई है।
प्रद्यौगिकी और फारेंसिक के उपयोग से सम्बन्धित प्राविधान- भारती नये कानून में प्रद्यौगिकी और फारेसिंक
के उपयोग से सम्बन्धित प्राविधान भी बनाये गये है, जैसे- फारेंसिक जाँच, वीडियो ग्राफी, डिजिटल फारेंसिक ब्लाक चेन और अन्य तकनिकी का उपयोग कर डिजिटल साक्ष्य तैयार करना इलेक्ट्रानिक सम्मन, इलेक्ट्रानिक कार्यवाही साइबर स्टाकिंग को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है। साइबर व डिजिटल अपराधों में फारेंसिक के माध्यम से तैयार साक्ष्यों के माध्यम से अपराधी को कड़ी सजा दिलाने के प्राविधान किये गये है।
पीड़ित केन्द्रित प्राविधान- भारतीय नये कानून में यह व्यवस्था की गयी है कि पीड़िता को प्रमुख्ता से सुना जायेगा व उसकी पूरी सहायता, सुरक्षा, सम्मान की व्यवस्था की जायेगा व पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाये जाने की व्यवस्था का प्राविधान है।







